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शुक्रवार, 27 मार्च 2026

शमशान की चिताओं के कोयले से बन रही हैं अगरबत्तियां

शमशान की चिताओं के कोयले से बन रही हैं अगरबत्तियां

1000 करोड़ रुपये का कारोबार, कई राज्यों में होती है सप्लाई

एजेंटों ने कहा: खुशबू से हड्डियों की बदबू का पता नहीं चलता

सिटी न्यूज़ बिहार

बिहार में हुआ यह खुलासा बेहद चौंकाने वाला है, जिसमें यह बात सामने आई है कि शमशान की चिताओं से निकले कोयले का इस्तेमाल अगरबत्तियां बनाने में किया जा रहा है।

चिताओं पर इंसानी हड्डियां जलकर कोयला बन जाती हैं और यह कोयला राख में इस हद तक मिल जाता है कि राख में हड्डियों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। एजेंटों के मुताबिक, शमशानों में हर चीज़ बिक जाती है; इसमें से बड़े कोयले के टुकड़े होटलों में खाना पकाने के लिए भेजे जाते हैं, जबकि बारीक कोयला और उसका पाउडर अगरबत्ती बनाने वाली फैक्ट्रियों में भेजा जाता है।

हैरानी की बात यह है कि बिहार की कुछ बड़ी फैक्ट्रियां भी इसी कोयले से अगरबत्तियां बना रही हैं, और यहाँ बनी अगरबत्तियां देश के पाँच अन्य राज्यों में भी सप्लाई की जाती हैं। इन अगरबत्तियों में गुलाब, केवड़ा या चंदन जैसी खुशबूदार चीज़ें मिलाई जाती हैं, ताकि कोई भी अगरबत्ती के अंदर मौजूद हड्डियों के पाउडर या कोयले की बदबू को पहचान न सके।

देश में अगरबत्तियों का सालाना कारोबार 10,000 से 12,000 करोड़ रुपये का है, जिसमें से अकेले बिहार का हिस्सा 800 से 1,500 करोड़ रुपये का है। इस पूरे नेटवर्क का खुलासा तब हुआ, जब भास्कर की टीम ने पटना, गया, नालंदा और वैशाली समेत 12 जिलों में होटल मैनेजर और फैक्ट्री मालिकों का भेष बनाकर पड़ताल की। ​​पटना के बांस घाट पर...

एजेंटों ने यह बात कबूल की कि अगरबत्तियां बनाने के लिए जिस चारकोल पाउडर का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होता है, वह शमशान का कोयला ही होता है, क्योंकि यह बहुत सस्ता पड़ता है। जब रिपोर्टर ने हड्डियों के बारे में पूछा, तो एजेंटों ने साफ-साफ कहा कि मशीन में कोयला पीसते समय हड्डियां भी साथ में पिसकर पाउडर बन जाती हैं, और बाद में खुशबू मिला देने पर कोई भी उन्हें पहचान नहीं पाता। गयाजी में विष्णुपाद मंदिर के पास स्थित शमशान घाट पर भी कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला, जहाँ एजेंटों की एक पूरी टीम चिता जलने के बाद उसमें से कोयला निकालने के काम में जुटी रहती है। एजेंट अखिलेश ने बताया कि उनकी टीम में 12 लोग हैं, जो कोयला निकालने से लेकर उसकी सप्लाई करने तक का सारा काम संभालते हैं। यहाँ तक कि अगरबत्ती बनाने वाली फैक्ट्रियों के मालिक भी यह बात मानते हैं कि अगरबत्ती के काले हिस्से को बनाने के लिए वे सिर्फ शमशान के कोयले का ही ऑर्डर देते हैं। इस कोयले को एक खास मशीन में इतने ज़्यादा दबाव के साथ पीसा जाता है कि यह बिल्कुल बारीक पाउडर बन जाता है। आपूर्तिकर्ता इस पाउडर को लगभग 17 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचते हैं, जो लोगों की आस्था और स्वास्थ्य, दोनों का गंभीर उल्लंघन है।

रविवार, 1 मार्च 2026

🎼 1️⃣ स्टाफ (पाँच रेखाएँ) के ऊपर लिखे अक्षर
स्टाफ के ऊपर जो अक्षर (जैसे Am, Gm, C, Em आदि) लिखे होते हैं, वे Chords (कॉर्ड्स) होते हैं।
ये गिटार या हार्मोनियम पर बजाने के लिए दिए जाते हैं।
यदि दो पंक्तियों में कॉर्ड्स लिखे हों —
ऊपर वाली पंक्ति = गिटार के लिए
नीचे वाली पंक्ति = हार्मोनियम के लिए
👉 मतलब — ये अक्षर संगत (accompaniment) के लिए हैं, मुख्य धुन के लिए नहीं।
🎵 2️⃣ Drone (ड्रोन) का संकेत
यदि किसी स्वर को एक आयताकार बॉक्स (rectangle) में दिखाया गया है, तो वह ड्रोन स्वर है।
यह सामान्यतः गीत की शुरुआत में दिया जाता है।
इसे पूरे गीत के दौरान लगातार बजाया जा सकता है।
विशेष रूप से हार्मोनियम में यह उपयोगी है।
👉 भारतीय संगीत में इसे “तानपुरे की निरंतर ध्वनि” जैसा समझ सकते हैं।
🎶 3️⃣ स्टाफ पर लिखे गोल चिन्ह (नोट्स)
पाँच रेखाओं पर जो गोल बिंदु बने हैं, वही मुख्य धुन (melody) के स्वर हैं।
नीचे लिखे अक्षर (C, D, Eb आदि) उन स्वरों के नाम बताते हैं।
ये अक्षर उन लोगों की सहायता के लिए लिखे गए हैं जिन्हें स्टाफ पढ़ना कठिन लगता है।
👉 उदाहरण:
C = सा
D = रे
Eb = कोमल ग
आदि।
🎼 4️⃣ मध्य C (Middle C) का संकेत
यदि किसी नोट के पास छोटा “1” लिखा है, तो वह Middle C (मध्य सा) को दर्शाता है।
यदि नोट उसके ऊपर है, तो वह ऊँचा स्वर है।
यदि नीचे है, तो नीचा स्वर है।
👉 यानी 1 का चिह्न यह बताता है कि स्वर मध्य सा के ऊपर है या नीचे।
🎸 5️⃣ कॉर्ड्स (Chords) का अर्थ
उदाहरण के रूप में:
Am = A minor
Gm = G minor
Cm = C minor
Em = E minor
इनका अर्थ है — मुख्य धुन के साथ एक से अधिक स्वर मिलाकर बजाना।
भारतीय संगीत में इसे “समवेत स्वर संगति” जैसा समझ सकते हैं।
📖 सारांश
ऊपर लिखे अक्षर = कॉर्ड (संगत के लिए)।
बॉक्स में स्वर = ड्रोन (लगातार पृष्ठभूमि स्वर)।
स्टाफ पर गोल चिन्ह = मुख्य धुन।
नीचे लिखे अक्षर = स्वर का नाम।
1 का चिन्ह = मध्य C का संकेत।
शुरुआती विद्यार्थियों के लिए निर्देश
पुस्तक में लिखा है—
यदि आप कीबोर्ड (हार्मोनियम) सीखने में बिल्कुल नए हैं और ड्रोन (लगातार पृष्ठभूमि स्वर) बजाने में कठिनाई हो रही है, तो पहले बिना ड्रोन के केवल धुन (melody) सीखें।
जब आप उँगलियों की गति और नोट पढ़ने में सहज हो जाएँ, तब भविष्य में ड्रोन जोड़ सकते हैं।
👉 अर्थ: पहले सरल अभ्यास करें, फिर जटिलता बढ़ाएँ।
🎼 2️⃣ The Use of Chords on Harmoniums
(हार्मोनियम पर कॉर्ड्स का उपयोग)
धुन के ऊपर अक्सर कॉर्ड के चिन्ह (जैसे Bm आदि) लिखे होते हैं।
यदि आप हार्मोनियम बजा रहे हैं, तो इन कॉर्ड्स को धुन के साथ बजा सकते हैं।
विशेष रूप से तब उपयोगी है जब:
गिटार भी साथ में बज रहा हो।
ड्रोन स्वर गिटार के कॉर्ड से टकरा रहे हों।
महत्वपूर्ण बात:
गिटार के साथ बजाते समय कभी-कभी ड्रोन स्वर कॉर्ड से मेल नहीं खाते।
ऐसी स्थिति में:
या तो ड्रोन छोड़ दें,
या केवल मुख्य धुन ही बजाएँ।
👉 मतलब — संगीत में संतुलन आवश्यक है।
🕉 स्वामी क्रियानंद का विचार
पुस्तक में स्वामी क्रियानंद का उद्धरण है:
“धुन (Melody) ही सबसे महत्वपूर्ण है।”
जो लोग कॉर्ड्स को आसान मानते हैं और धुन छोड़ देते हैं, वे मूल भावना खो सकते हैं।
केवल कॉर्ड्स बजाना पर्याप्त नहीं है।
धुन सीखना और सही ढंग से गाना आवश्यक है।
जब साधक भजन में गहराई तक उतरता है, तो धीरे-धीरे कॉर्ड्स कम करके केवल धुन पर केंद्रित होना चाहिए।
👉 गहरा आध्यात्मिक अनुभव बाहरी सजावट से नहीं, बल्कि सरल और शुद्ध धुन से आता है।
🎸 3️⃣ Other Instruments (अन्य वाद्य यंत्र)
गिटार भजन में उत्साह और ऊर्जा ला सकता है।
यदि अधिक ज़ोर से न बजाया जाए तो यह अच्छा सहायक वाद्य है।
प्रारंभ में हल्की स्ट्रमिंग (Strumming) ठीक है।
जैसे-जैसे भजन गहरा होता जाए, बाहरी उत्साह कम करके आंतरिक शांति की ओर बढ़ना चाहिए।
👉 बाहरी आनंद से आंतरिक ध्यान की ओर यात्रा।
🌼 सारांश
✔ नए विद्यार्थी पहले केवल धुन सीखें।
✔ कॉर्ड्स सहायक हैं, पर मुख्य नहीं।
✔ ड्रोन और कॉर्ड्स का संतुलन रखें।
✔ धुन (Melody) ही भजन का हृदय है।
✔ अंततः संगीत का उद्देश्य आंतरिक शांति और ईश्वर से जुड़ाव है।
गिटार के बारे में निर्देश
गिटार बजाते समय ताल (Downbeat) को बहुत अधिक ज़ोर से न उभारें।
यदि ताल पर ज़ोर अधिक होगा तो संगीत में भारीपन आ सकता है।
हल्का और संतुलित स्ट्रमिंग (strumming) भजन को अधिक मधुर और uplifting (उत्थानकारी) बनाती है।
ऊर्जावान (energetic) भजन भी भारी लय के बिना बजाए जा सकते हैं।
👉 उद्देश्य: लय प्रेरक हो, पर ध्यान भटकाने वाली न हो।
🥁 2️⃣ कीर्तन और ड्रम (Kirals and Drums)
ड्रम और अन्य ताल वाद्य मुख्य धुन (melody) के सहयोगी के रूप में उपयोग करें।
गायक और अन्य वादकों के पास बैठें ताकि ताल मेल में रहे।
ड्रम का काम है — लय बनाए रखना, धुन को दबाना नहीं।
महत्वपूर्ण सुझाव:
कीर्तन में ताल वाद्य आसानी से अधिक प्रभावी (overpower) हो सकते हैं।
उत्साहपूर्ण भजनों में उपयोग करें, परंतु गहरे, ध्यानात्मक भजनों में कम प्रयोग करें।
तबला के बारे में:
तबला सुंदर वाद्य है, पर अच्छी तरह बजाना कठिन है।
यदि सही ढंग से न बजाया जाए तो धुन से प्रतिस्पर्धा कर सकता है।
मृदंग या ढोलक सरल और अधिक संतुलित विकल्प हो सकते हैं।
सरल लय रखें।
👉 सिद्धांत: ताल सहायक हो, प्रधान नहीं।
🎶 3️⃣ अन्य मधुर वाद्य (Other Melody Instruments)
जो वाद्य उपलब्ध हों, उनका उपयोग कर सकते हैं।
पर ध्यान रखें कि धुन या भक्ति-भाव दब न जाए।
भजन का मुख्य तत्व धुन (Melody) है।
वाद्य केवल गहराई बढ़ाने के लिए हैं।
उदाहरण:
बांसुरी (Flute)
वायलिन (Violin)
सेलो (Cello)
हार्प (Harp)
ये विशेष अवसरों पर समूह गान में अच्छे लगते हैं।
📚 4️⃣ अतिरिक्त अध्ययन सामग्री
पियानो कॉर्ड्स और उनके विभिन्न रूपों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध है।
हार्मोनियम वादकों के लिए अलग चार्ट भी दिए गए हैं।
समूह गान और भारतीय भजनों के लिए परिशिष्ट (Appendix) देखने का सुझाव दिया गया है।
🌼 मुख्य संदेश
✔ धुन (Melody) सबसे महत्वपूर्ण है।
✔ ताल और वाद्य सहयोगी हैं, मुख्य नहीं।
✔ संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
✔ सरलता से गहराई की ओर बढ़ना ही भजन का उद्देश्य है।
1️⃣ Sharp (#) का चित्र
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सफेद कुंजियाँ:
| C | D | E | F | G | A | B | C |

बीच की काली कुंजियाँ (Sharp):
   C# D# F# G# A#
या क्रम से —
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C → C# → D → D# → E
F → F# → G → G# → A → A# → B
👉 Sharp (#) का अर्थ है —
दिए गए स्वर से आधा सुर ऊपर की काली कुंजी बजाना।
उदाहरण:
C# = C के ठीक दाहिने वाली काली कुंजी
F# = F के दाहिने वाली काली कुंजी
🎹 2️⃣ Flat (♭) का चित्र
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सफेद कुंजियाँ:
| C | D | E | F | G | A | B | C |

बीच की काली कुंजियाँ (Flat):
   Db Eb Gb Ab Bb
या क्रम से —
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D → Db → C
E → Eb → D
G → Gb → F
A → Ab → G
B → Bb → A
👉 Flat (♭) का अर्थ है —
दिए गए स्वर से आधा सुर नीचे की काली कुंजी बजाना।
उदाहरण:
Db = D के बाईं ओर की काली कुंजी
Bb = B के बाईं ओर की काली कुंजी
🎼 महत्वपूर्ण बात
✔ C# और Db एक ही कुंजी है
✔ D# और Eb एक ही कुंजी है
✔ F# और Gb एक ही कुंजी है
✔ G# और Ab एक ही कुंजी है
✔ A# और Bb एक ही कुंजी है
अर्थात नाम अलग, पर स्वर एक ही।
🎶 भारतीय संगीत से संबंध
अंग्रेज़ी
भारतीय स्वर
C
सा
C# / Db
कोमल रे
D
रे
D# / Eb
कोमल ग
E
F
F# / Gb
तीव्र म
G
G# / Ab
कोमल ध
A
A# / Bb
कोमल नि
B
नि
📖 सरल शब्दों में
(Sharp) = आधा सुर ऊपर
♭ (Flat) = आधा सुर नीचे
दोनों काली कुंजियाँ दर्शाते हैं
E और B के बाद कोई काली कुंजी नहीं होती (इसलिए E# और B# सामान्यतः नहीं दिखते)
शुरुआती विद्यार्थियों के लिए निर्देश
पुस्तक में लिखा है कि —
जब आप अपना पहला भजन/गीत सीख रहे हों, तो ऐसा चुनें जिसमें कोई शार्प (#) या फ्लैट (♭) स्वर न हो।
उदाहरण के लिए “One Ohana Place” जैसे सरल गीत से शुरुआत करें।
जब आप सहज हो जाएँ, तब धीरे-धीरे शार्प और फ्लैट वाले जटिल भजनों की ओर बढ़ें।
👉 मतलब — पहले सरल स्वरों (सफेद कुंजियों) पर अभ्यास करें।
🎵 2️⃣ DRONES (ड्रोन स्वर) क्या हैं?
पुस्तक में “Drones” शीर्षक के अंतर्गत बताया गया है:
✔ ड्रोन स्वर क्या हैं?
ये वैकल्पिक (optional) स्वर होते हैं।
ये पूरे गीत के दौरान पृष्ठभूमि में बजाए जा सकते हैं।
ये मुख्य धुन (melody) के साथ गहराई और स्थिरता जोड़ते हैं।
✔ इन्हें कैसे दर्शाया जाता है?
चार्ट की शुरुआत में एक आयताकार बॉक्स (rectangular box) में दिखाया जाता है।
आमतौर पर इन्हें दाहिने हाथ के अंगूठे से बजाया जाता है।
बाकी उंगलियाँ मुख्य धुन बजाती हैं।
✔ क्या ये अनिवार्य हैं?
नहीं।
ये आवश्यक नहीं हैं, परंतु ध्वनि को समृद्ध (rich) बनाते हैं।
🎶 महत्वपूर्ण सावधानी
पुस्तक में लिखा है कि —
कभी-कभी ड्रोन स्वर पास-पास के स्वरों से टकरा सकते हैं।
उदाहरण दिया गया है कि “Door of My Heart” गीत में, यदि पहले ही ड्रोन बजा दिया जाए तो G और A का टकराव (clash) हो सकता है।
इसलिए कुछ स्थानों पर ड्रोन को थोड़ी देर बाद शुरू करना चाहिए।
👉 मतलब — ड्रोन बजाते समय ध्यान रखें कि वह मुख्य स्वर से टकराए नहीं।
🎼 सरल भाषा में समझें
ड्रोन = स्थिर पृष्ठभूमि स्वर
भारतीय संगीत में इसे आप “तानपुरे की निरंतर ध्वनि” जैसा समझ सकते हैं।
जैसे —
अगर सा पर गीत है, तो पृष्ठभूमि में “सा” या “सा-प” लगातार बजता रहे।
इससे भजन में गहराई और आध्यात्मिक भाव बढ़ता है।
🌼 सार
शुरुआत सरल स्वरों से करें।
शार्प और फ्लैट बाद में सीखें।
ड्रोन स्वर वैकल्पिक हैं, पर संगीत को गंभीरता और स्थिरता देते हैं।
गलत समय पर बजाने से स्वर टकरा सकते हैं।