expr:class='"loading" + data:blog.mobileClass'>

सोमवार, 11 जुलाई 2022

दुर्गापूजा की अष्टादशोपचार विधि

 

दुर्गापूजा की अष्टादशोपचार विधि

नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः।
नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्म ताम् ।।                                                                                                 ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।आवाहयामि,स्थापयामि,ध्यायामि।ध्यानार्थे अक्षतपुष्पाणि समर्पयामि। 
 ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।पादयोः पाद्यं समर्पयामि।
 ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।हस्तयोःअर्ध्यं समर्पयामि।
 ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।आचमनीयं जलं समर्पयामि।
 ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।स्नानीयं जलं समर्पयामि।
 ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।वस्त्रं समर्पयामि।
 ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।सौभाग्यसूत्रं समर्पयामि।
 ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।गन्धं समर्पयामि।
 ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।चन्दनं समर्पयामि।
 ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।पुष्पं समर्पयामि।
 ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।विल्वपत्राणि समर्पयामि।
 ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।धूपं आघ्रापयामि।
 ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।दीपं दर्शयामि।
 ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।नैवेद्यं निवेदयामि।
 ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।आचमनीयं जलं समर्पयामि।
 ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।पूगीफलं समर्पयामि।
(इसके बाद दुर्गाचालीसा का पाठ करना।)
ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।स्तवपाठं समर्पयामि।
ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।तर्पयामि।
ॐ श्री दुर्गा देव्यै नम:।नमस्कारान् समर्पयामि।